कुंडली मिलान (गुण मिलान)
लड़के और लड़की के लिए 36 गुणों का अष्टकूट मिलान, मांगलिक जाँच के साथ।
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गुण मिलान कैसे होता है
अष्टकूट मिलान में लड़के और लड़की की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र को आठ कूटों में मिलाया जाता है। कुल 36 गुण होते हैं: वर्ण 1, वश्य 2, तारा 3, योनि 4, ग्रह मैत्री 5, गण 6, भकूट 7 और नाड़ी 8।
हम कुल गुणों को दृक पंचांग के नियमों से आँकते हैं: भकूट अनुकूल हो तो 31–36 उत्तम, 21–30 बहुत अच्छा, 17–20 मध्यम और 16 या कम अनुशंसित नहीं। भकूट प्रतिकूल हो तो मानदंड ऊँचा हो जाता है, और नाड़ी दोष किसी भी कुल से अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
हमारी मिलान तालिकाएँ
सभी प्रकाशित स्रोत एक जैसी तालिकाएँ नहीं इस्तेमाल करते, इसलिए हम अपनी तालिकाएँ साफ़ बताते हैं: वर्ण, वश्य, तारा, गण और ग्रह मैत्री दृक पंचांग और OnlineJyotish के अनुसार हैं; योनि की पारंपरिक तालिका के शून्य अंक मुहूर्त चिंतामणि के सात महावैर जोड़ों से मेल खाते हैं। हमने सभी 11,664 संभव नक्षत्र जोड़ों की जाँच की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विवाह के लिए कितने गुण चाहिए?
36 में से 18 गुण पारंपरिक न्यूनतम है। दृक पंचांग भकूट और नाड़ी को भी देखता है: नाड़ी दोष होने पर ऊँचे कुल गुण भी उसके नियम से अनुशंसित नहीं हैं।
नाड़ी दोष क्या है?
जब लड़के और लड़की के नक्षत्र एक ही नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) के हों, तो नाड़ी दोष होता है। नाड़ी के सबसे ज़्यादा 8 अंक होते हैं, जो तब शून्य हो जाते हैं।
क्या कुंडली मिलान में मांगलिक दोष भी देखा जाता है?
हाँ। हम दोनों की मांगलिक स्थिति दिखाते हैं। दोनों मांगलिक हों तो परंपरा में दोष संतुलित माना जाता है।
क्या केवल नाम से मिलान हो सकता है?
गुण मिलान के लिए चंद्र राशि और नक्षत्र चाहिए, जो जन्म तिथि, समय और स्थान से निकलते हैं। जन्म तिथि से मिलान ही सही परिणाम देता है।