हाँ, केवल जन्म तिथि और जन्म स्थान से भी कुंडली बन सकती है, लेकिन वह अधूरी कुंडली होती है। आपकी चंद्र राशि, ज़्यादातर ग्रहों की राशियाँ और आमतौर पर आपका नक्षत्र पूरे दिन वही रहते हैं। लेकिन आपका लग्न, 12 भाव और दशा की सटीक तारीखें वही नहीं रहतीं, क्योंकि ये घड़ी के साथ बदलती हैं। बिना समय के कुंडली में ठीक-ठीक कितना बदलता है, यह गाइड हमारे कुंडली इंजन की असली गणनाओं से दिखाती है।
क्या केवल जन्म तिथि से कुंडली बन सकती है?
हाँ, लेकिन वह अधूरी होती है। केवल तिथि और स्थान से बनी कुंडली बताती है कि उस दिन ग्रह कहाँ थे, और चंद्र राशि व ग्रहों की राशियाँ जानने के लिए इतना काफ़ी है।
पर जन्म तिथि से कुंडली यह नहीं बता सकती कि जन्म के समय पूर्व दिशा में कौन सी राशि उदित हो रही थी। यही उदित राशि, यानी लग्न, पहला भाव तय करती है, और उसी से बारहों भावों का क्रम बनता है। कुंडली पढ़ने का ज़्यादातर काम इन्हीं भावों से शुरू होता है। इसलिए केवल जन्म तिथि से जन्म कुंडली (janam kundli by date of birth only) हमेशा अधूरी ही रहती है: उसमें ग्रह अपनी सही राशियों में होते हैं, पर भावों का क्रम पक्का नहीं होता।
एक दिन में कुंडली में क्या-क्या बदलता है?
एक ही दिन में लग्न, 12 भाव और दशा की तारीखें बदल जाती हैं, और नक्षत्र कभी-कभी बदलता है। चंद्र राशि बहुत कम बदलती है, और बाकी ग्रहों की राशियाँ एक दिन में लगभग कभी नहीं बदलतीं।
इसे परखने के लिए हमने एक ही जन्म तिथि और स्थान की 24 कुंडलियाँ बनाईं, दिन के हर घंटे की एक। इसके लिए वही इंजन इस्तेमाल हुआ जिस पर हमारा मुफ़्त कुंडली मेकर चलता है। परीक्षण जन्म: 15 अगस्त 1990, जयपुर।
| कुंडली का हिस्सा | क्या दिन में बदलता है? | हमारे परीक्षण का नतीजा (15 अगस्त 1990, जयपुर) |
|---|---|---|
| लग्न (उदित राशि) | हाँ, औसतन हर दो घंटे में | एक ही दिन में सभी 12 राशियाँ आईं |
| 12 भाव | हाँ, ये लग्न के साथ बदलते हैं | हर लग्न के साथ बदले |
| चंद्र राशि | बहुत कम: चंद्रमा एक राशि में लगभग सवा दो (2¼) दिन रहता है | पूरे दिन वृषभ |
| नक्षत्र | कभी-कभी: लगभग दिन में एक बार | एक बार बदला: पहले रोहिणी, फिर मृगशिरा |
| बाकी ग्रहों की राशियाँ | एक दिन में लगभग कभी नहीं | हर ग्रह पूरे दिन एक ही राशि में रहा |
| दशा की तारीखें | हाँ, हर मिनट के साथ | अगला हिस्सा देखें |
तस्वीर साफ़ है। बिना जन्म समय के आप जो कुछ जान सकते हैं, उसमें चंद्र राशि सबसे भरोसेमंद है, और लग्न सबसे कम भरोसेमंद।
हर लग्न कितनी देर रहता है?
औसतन लगभग दो घंटे, लेकिन सभी राशियाँ एक ही रफ़्तार से उदित नहीं होतीं। हमारे इंजन ने उसी परीक्षण वाले दिन, 15 अगस्त 1990 को जयपुर के लिए, हर राशि के उदय का समय मिनट-दर-मिनट निकाला:
| लग्न | कब से | कब तक | कितनी देर रहा |
|---|---|---|---|
| मिथुन | 01:38 | 03:52 | 2 घंटे 14 मिनट |
| कर्क | 03:52 | 06:11 | 2 घंटे 19 मिनट |
| सिंह | 06:11 | 08:26 | 2 घंटे 15 मिनट |
| कन्या | 08:26 | 10:41 | 2 घंटे 15 मिनट |
| तुला | 10:41 | 12:59 | 2 घंटे 18 मिनट |
| वृश्चिक | 12:59 | 15:16 | 2 घंटे 17 मिनट |
| धनु | 15:16 | 17:21 | 2 घंटे 05 मिनट |
| मकर | 17:21 | 19:05 | 1 घंटा 44 मिनट |
| कुंभ | 19:05 | 20:34 | 1 घंटा 29 मिनट |
| मीन | 20:34 | 22:01 | 1 घंटा 27 मिनट |
| मेष | 22:01 | 23:38 | 1 घंटा 37 मिनट |
| वृषभ | 23:38 | 01:34 (अगले दिन) | 1 घंटा 56 मिनट |
सारे समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। कर्क 2 घंटे 19 मिनट तक उदित रहा, जबकि मीन केवल 1 घंटा 27 मिनट। इस तारीख को जल्दी उदित होने वाली राशियाँ, मकर से मेष तक, शाम को उदित हुईं, इसलिए शाम के जन्म समय में सबसे ज़्यादा सावधानी चाहिए थी। लग्न की यह समय-सारणी हर दिन लगभग चार मिनट पहले खिसक जाती है, और जन्म स्थान के अक्षांश के साथ भी बदलती है, इसलिए हर जन्म दिन की सारणी अपनी अलग होती है।
लग्न तय करने के लिए अक्सर मोटा-मोटा समय भी काफ़ी होता है। परीक्षण वाले दिन 08:30 से 10:30 के बीच किसी भी समय जन्म हो, लग्न कन्या ही आएगा, क्योंकि कन्या 08:26 से 10:41 तक उदित रही। अपने समय की सीमा जाँचने के लिए एक कुंडली सबसे पहले संभव समय की बनाएँ और एक सबसे बाद के संभव समय की। अगर दोनों में एक ही लग्न आए, तो सटीक मिनट पता न होने पर भी आपका लग्न तय है।
एक घंटे से कितना फ़र्क पड़ता है?
जितना ज़्यादातर लोग सोचते हैं, उससे कहीं ज़्यादा। हमारे परीक्षण में एक घंटे के फ़र्क से लग्न बदल गया और अगली महादशा 163 दिन खिसक गई। उसी परीक्षण जन्म के लिए हमने 10:00 और 11:00 बजे के जन्म की तुलना की:
| जन्म 10:00 बजे | जन्म 11:00 बजे | |
|---|---|---|
| लग्न | कन्या | तुला |
| चंद्रमा की स्थिति | 48.63° | 49.23° |
| जन्म के समय बची चंद्र महादशा | 3.53 वर्ष | 3.08 वर्ष |
| अगली महादशा (मंगल) की शुरुआत | 23 फ़रवरी 1994 | 13 सितंबर 1993 |
उस एक घंटे में चंद्रमा केवल 0.6° आगे बढ़ा, फिर भी 11:00 बजे वाले जन्म में अगली महादशा 163 दिन पहले शुरू हुई। दशा का पूरा क्रम इस बात से बनता है कि चंद्रमा अपने नक्षत्र में कितनी दूरी तय कर चुका है। इसलिए जन्म समय में हर घंटे की चूक दशा की तारीखों को महीनों आगे-पीछे कर देती है।
अगर जन्म सूर्योदय के आसपास हुआ हो तो?
अगर आपका जन्म ठीक सूर्योदय के समय हुआ है, तो आपका लग्न वही राशि है जिसमें सूर्य है। सूर्योदय के समय सूर्य पूर्वी क्षितिज पर होता है, और लग्न राशिचक्र का वही बिंदु है जो उस समय वहाँ उदित हो रहा होता है। परीक्षण वाले दिन जयपुर में सूर्योदय 05:58 पर हुआ। तब सूर्य कर्क के 28° पर था, और उस मिनट लग्न कर्क के 27° पर था। सिंह 06:11 पर, यानी केवल 13 मिनट बाद, उदित होने लगा। इसलिए सूर्योदय से थोड़ा पहले या थोड़ा बाद का जन्म सूर्य की राशि से ठीक पहले वाली या ठीक बाद वाली राशि में भी पड़ सकता है। सूर्यास्त पर बात उल्टी होती है: तब सूर्य पश्चिमी क्षितिज पर होता है, इसलिए सूर्यास्त के समय लग्न सूर्य की राशि के ठीक सामने वाली राशि होती है।
बिना जन्म समय के किन बातों पर भरोसा कर सकते हैं?
जन्म समय के बिना भी चंद्र राशि, ग्रहों की राशियाँ और इनसे जुड़ी बातें भरोसेमंद रहती हैं, पर लग्न और भावों से जुड़ी बातें नहीं। आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं:
- आपकी चंद्र राशि, जिससे ज़्यादातर राशिफल और साढ़ेसाती के फल देखे जाते हैं
- आपका नक्षत्र, बशर्ते वह आपके जन्म के दिन बदला न हो
- सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की राशियाँ
- साढ़ेसाती की स्थिति, जो आपकी चंद्र राशि से शनि की राशि गिनकर देखी जाती है
इन बातों को अज्ञात मानकर चलें:
- आपका लग्न, और भावों से देखी जाने वाली हर बात, जैसे विवाह के लिए सातवाँ भाव
- दशा और अंतर्दशा की सटीक तारीखें
- लग्न से गिना गया मांगलिक दोष (चंद्र और शुक्र से की जाने वाली जाँच फिर भी काम करती है)
- नवांश (D9) लग्न, जो औसतन लगभग हर 13 मिनट में बदल जाता है
कैसे जाँचें कि जन्म के दिन आपका नक्षत्र बदला था या नहीं
अपनी जन्म तिथि की दो कुंडलियाँ बनाएँ, एक 00:01 बजे की और एक 23:59 बजे की, और दोनों का नक्षत्र मिलाएँ। यह जाँच आप दो मिनट में खुद कर सकते हैं।
दोनों कुंडलियाँ मुफ़्त कुंडली मेकर पर बनाएँ। अगर दोनों में एक ही नक्षत्र आए, तो बिना जन्म समय के भी आपका नक्षत्र पक्का है। अगर दोनों में नक्षत्र अलग हों, तो आपके जन्म के दिन ही नक्षत्र बदला था, और आपको कम से कम मोटा-मोटा समय चाहिए, जैसे सुबह या शाम। हमारा परीक्षण वाला दिन ऐसा ही एक दिन है: 15 अगस्त 1990 को चंद्रमा सुबह रोहिणी में था और रात तक मृगशिरा में पहुँच गया।
चंद्र राशि के लिए भी यही जाँच करें। ज़्यादातर दिनों में चंद्र राशि पूरे दिन वही रहती है। जिस दिन चंद्रमा राशि बदलता है, उस दिन मोटा-मोटा समय ही तय करता है कि आपकी चंद्र राशि कौन सी है।
क्या बिना जन्म समय के कुंडली मिलान हो सकता है?
हाँ। गुण मिलान दोनों लोगों की चंद्र राशि और नक्षत्र से होता है, इसलिए बिना जन्म समय के भी मिलान का स्कोर अक्सर सही आता है।
जोखिम उस दिन का है जिस दिन चंद्रमा नक्षत्र या राशि बदलता है, क्योंकि तब स्कोर बदल सकता है। इसलिए मिलान पर भरोसा करने से पहले दोनों लोगों के लिए ऊपर वाली जाँच कर लें। इसके बाद जो समय पता हों, उन्हीं के साथ कुंडली मिलान टूल इस्तेमाल करें।
अपना जन्म समय कैसे पता करें
जन्म समय की उम्मीद छोड़ने से पहले ये चार स्रोत आज़माएँ: जन्म प्रमाणपत्र, अस्पताल का रिकॉर्ड, परिवार के रिकॉर्ड और परिवार के लोग।
- जन्म प्रमाणपत्र। भारत के कई जन्म प्रमाणपत्रों में जन्म का समय लिखा होता है; कुछ में केवल तारीख होती है।
- अस्पताल का रिकॉर्ड। जिस अस्पताल में आपका जन्म हुआ था, वहाँ उसके जन्म रजिस्टर में दर्ज समय के बारे में पूछें।
- परिवार के रिकॉर्ड। जन्म के कुछ समय बाद बनी जन्म पत्री में अक्सर समय और लग्न, दोनों लिखे होते हैं।
- परिवार के लोग। “सूर्योदय से ठीक पहले” या “दोपहर के खाने के बाद” जैसी बात भी लग्न को दो-तीन राशियों तक सीमित कर देती है।
अगर इनमें से कोई भी तरीका काम न आए, तो सबसे संभावित समय-सीमा के बीच का समय डालकर कुंडली बनाएँ, और उसमें केवल चंद्रमा पर आधारित हिस्से ही पढ़ें।
क्या ज्योतिषी जन्म समय निकाल सकते हैं?
ज्योतिषी जन्म समय शोधन (birth time rectification) से समय की सीमा छोटी कर सकते हैं। इसमें ज्योतिषी हर संभव लग्न के लिए कुंडली बनाते हैं, और देखते हैं कि किस कुंडली की दशा-सारणी जीवन की बड़ी घटनाओं की तारीखों से मेल खाती है, जैसे विवाह, संतान का जन्म या काम में कोई बड़ा बदलाव। आप जितनी सटीक तारीखें लेकर जाएँगे, नतीजे की सीमा उतनी ही छोटी होगी। जन्म समय शोधन से सबसे अच्छा अनुमान मिलता है, लिखा हुआ रिकॉर्ड नहीं, इसलिए पहले कहीं लिखा हुआ समय ढूँढें।
कुछ सवाल, सीधे जवाब
जन्म समय पता न हो तो कौन सा समय भरूँ? अपना सबसे अच्छा अनुमान भरें, और लग्न, भाव व दशा की तारीखों को अनिश्चित मानें। चंद्र राशि, नक्षत्र और साढ़ेसाती की स्थिति आमतौर पर सही रहेगी।
कुछ ज्योतिषी अज्ञात जन्म समय के लिए दोपहर 12:00 बजे का समय क्यों लेते हैं? दोपहर दिन का बीच है, इसलिए चंद्रमा की असली स्थिति इससे ज़्यादा से ज़्यादा आधे दिन की चाल जितनी दूर होती है, यानी लगभग 6 से 8 अंश, और ज़्यादातर दिनों में चंद्र राशि सही आती है। दोपहर वाली कुंडली का लग्न फिर भी केवल एक अनुमान है।
क्या बिना जन्म समय के सूर्य राशि पर भरोसा किया जा सकता है? हाँ, बस हर महीने के उस एक दिन को छोड़कर, जब सूर्य राशि बदलता है। उस दिन हुए जन्म के लिए कम से कम मोटा-मोटा समय चाहिए।
क्या कुछ मिनट के अंतर पर पैदा हुए जुड़वाँ बच्चों की कुंडलियाँ अलग होती हैं? थोड़ी-सी। लग्न लगभग हर चार मिनट में एक अंश आगे बढ़ता है, इसलिए जुड़वाँ बच्चों की लग्न राशि आमतौर पर एक ही होती है, पर उसका अंश अलग होता है, और अक्सर नवांश लग्न भी अलग होता है। राशि के किनारे के पास तो कुछ ही मिनट में लग्न ही बदल सकता है।
क्या जन्म समय की जगह नाम से काम चल सकता है? नहीं। नाम अपने पहले अक्षर से केवल एक नाम राशि की ओर इशारा करता है। इसके बारे में नाम से कुंडली वाला लेख पढ़ें।
कुंडली खुद कैसे बनाएँ? हमारी कदम-दर-कदम गाइड पढ़ें: ऑनलाइन कुंडली कैसे बनाएँ।